अपना घर-अपनी छत का सुकून ।
~ गृह प्रवेश ~
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"अपना घर - सुकून भरा"
10-10-2019, एक यादगार तिथि ,हमारे लिए ।
इसी दिन हमने अपने घर में विधिपूर्वक गृह प्रवेश किया था । अद्भुत तिथि के संयोग को देखते हुए हमारे पंडित जी ने इस तिथि को गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त बताया था। घर अभी पूरी तरह से तैयार भी नही हुआ था, फर्श और लकड़ी का बहुत सारा काम बाकी था परंतु हमने निश्चित किया कि हम इस अद्भुत मुहुर्त में नए घर मे ही प्रवेश करेंगे।। 🙏🙏
स्नेही
मित्रों को सादर अभिवादन.
कुछ
समय से जिस अत्यधिक व्यस्तता के चलते आप सभी स्नेहीजनों से अवांछित दूरी बनी रही
उसका पटाक्षेप मंत्रोच्चार व शंख ध्वनि के साथ बड़े ही पवित्र ढंग से हुआ. ईस्वर
की असीम अनुकम्पा, पूर्वजों के आशीर्वाद और आप सभी स्वजनों के शुभकामनाओं के चलते
आपके इस मित्र का छोटा सा आशियाना तैयार हो गया और गृह पूजा का कार्यक्रम भी १०
अक्टूबर को संपन्न हुआ.
अनुकंपा प्रभु की रही,
पुरखों का आशीष |
छोटा मेरा आशियाँ, खडा
उठाये शीश ||
मूल
रूप से हमारे पतिदेव श्री आदेश सिंह राजावत, ओएल के निवासी है और यहां की राजावत
परिवार से है। इनके काम के वजह से हमे ओएल छोड़कर बहुत सालो से लखीमपुर में रहना पड़
रहा था। यहाँ पर हम किराये के मकान में रह रहे थे। परन्तु किराये के मकान और अपने
मकान में रहने में बड़ा अन्तर होता है।। हमेशा से ये इच्छा रहती थी कि अपना मकान,
अपना घर होता तो कितना अच्छा होता।। 2019 की बरिश में कुछ ऐसा हुआ कि अचानक से ये
इच्छा और भी प्रबल होने लगी कि अब अपना घर होना ही चाहिए। इस बात को लेकर मेरी पतिदेव से कई
बार बहुत बहस भी हुई।। ऐसा नही की हमने पहले प्रयास नही किये, कई बार किये परन्तु सफलता नही मिल पाई।
ईश्वर
की अनुकम्पा हुई, संयोग बना और जहाँ हम रहते थे वहीं कुछ दूरी पर भूमि उपलब्ध हो
गई।। धीरे धीरे मकान बनना प्रारम्भ हो ही गया और 25-09-2019 को हमने अपने मकान की
छत भी पा ली है।
इस
अवसर पर आप सभी की शुभकामनाएं आपेक्छित हैं।।
परिवार
के साथ-साथ ब्लॉग जगत के अभिन्न सम्माननीय मित्रों, पतिदेव श्री आदेश सिंह राजावत,
बड़े भईया- आशुतोष राजावत, मेरी प्रिय जेठानी- किरण, लाखो में एक मेरा प्यारा भाई - सुमित सिंह एवं उसकी सुंदर व सुशील पत्नी सोनम सिंह, मेरे मैके के पिता
जी श्री जगत बहादुर सिंह, माता श्रीमती कमला सिंह और मेरे ससुराल के पिता जी श्री
कैप्टेन सिंह राजावत तथा माता श्री लता जी सहित अन्य परिवारजनों की प्रत्यक्ष उपस्थिति के साथ-साथ अंतर्जालीय मित्रों के निश्छल शुभकामनाओं से यह पुनीत अवसर मेरे पूरे परिवार के
लिए अविस्मरनीय बन गया. प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष स्नेह व शुभकामनाएं देकर मुझे
उत्साहित करने वाले आप सभी सम्माननीय मित्र ह्रदय से आभार तथा सदभावनाएँ बनाए रखने
का सादर निवेदन स्वीकारें.
प्रस्तुत
है इस अवसर के कुछ छाया चित्र.
महंत जी के द्वारा शूभ चक्र की स्थापना:
कलश स्थापना:
हवन प्रक्रिया:
सपरिवार गृह प्रवेश पूजा:
छोटा सा आशियाना:
परिवार के साथ नए घर पर पहली दीवाली:

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इस लेख कों पढ़ने वाले आप सभी सम्माननीय मित्रो को ह्रदय से आभार।। 🙏🙏
लेखिका- सीमा सिंह
पत्नी- श्री आदेश कुमार सिंह राजावत
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